नरायनपुर, मिर्जापुर। सत्या हॉस्पिटल नरायनपुर में
अंतरास्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें हॉस्पिटल के सभी स्टाफ एवं आए हुए मरीजों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ0 रिंकी सिंह ने केक काटकर किया और सभी महिला स्टाफ को केक खिलाकर मुंह मीठा कराया तथा अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की ढेरों शुभकामनाएं दीं। तत्पश्चात हॉस्पिटल के महिला स्टाफ को मुख्य अतिथि डॉ0 रिंकी सिंह ने अंगवस्त्र एवं हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ0 सत्य प्रकाश सिंह ने पौधा भेंट कर सम्मानित किए।
मुख्य अतिथि ने गोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दिया और संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन केवल जश्न मनाने का नहीं बल्कि लैंगिक समानता, महिलाओं के सशक्तिकरण, और उनके अधिकारों को याद दिलाने का दिन है। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन 8 मार्च 1917 को रूसी महिलाओं ने ”ब्रेड एंड पीस”( रोटी और शांति) की मांग करते हुए ऐतिहासिक हड़ताल की थीं।जिसके बाद रूसी सरकार को वोट(मतदान) करने का अधिकार महिलाओं को देना पड़ा। जिसे बाद में संयुक्त राष्ट्र ने सन् 1975 में आधिकारिक तौर पर मान्यता दी। आज महिलाएं दुनिया का ऐसा कोई काम नहीं जो न करती हों। पर जरूरत इस बात की है कि उन्हें सुरक्षा और सम्मान दिया जाए। एक बच्चे को पाल – पोश कर बड़ा करना और उसे काबिल बनाकर समाज के सामने खड़ा होने के योग्य बनाने का काम महिला करती है। मुझे यकीन है कि आप सब सभी मात्री शक्ति और नारी शक्ति की सुरक्षा, सहयोग एवं आगे बढ़ने में अपना योगदान अवश्य करेंगे।

हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ0 सत्य प्रकाश सिंह ने महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि ‘ यत्र नारियस्ती पूज्यंते तत्र रमंते देवता ‘ अर्थात जहां पर नारी का सम्मान होता है वहां पर देवता निवास करते हैं। भारत वर्ष में सदियों से नारियों का सम्मान होता रहा है। आज हर क्षेत्र में नारी बढ़ चढ़ भागीदारी कर रही हैं। महिलाओं ने अपने योग्यता का लोहा मनवाया है। इसमें कोई शक नहीं कि आज की महिलाएं पुरुषों से ज्यादा प्रतिभावान हैं। हमें भी चाहिए कि अपनी माता, बहन के अलावा अन्य दूसरी महिलाओं का सम्मान करें और उनका सहयोग करें। एक कहावत काफी प्रसिद्ध है कि हर कामयाब पुरुष के पीछे किसी न किसी महिला का हाथ अवश्य होता है। महिला ही वह शक्ति हैं जो किसी घर या समाज को समृद्ध एवं कुशल बनाने में अपना सौ प्रतिशत योगदान करतीं है। हमारे आज के इस आयोजन का यही उद्देश्य है कि हम सभी महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, और राजनीतिक अधिकारों के लिए उनके संघर्ष एवं उपलब्धियों का सम्मान करें। उम्मीद है आप लोग इस आयोजन से प्रेरणा लेंगे और ऐसा करने का प्रयास करेंगे।
