Tuesday, February 24, 2026

अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा सामुदायिक भवन जोगवां

अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा सामुदायिक भवन जोगवां

ग्राम पंचायत जोगवां नरायनपुर में स्थित सामुदायिक भवन की स्थिति इतनी बत्तर बनी हुई है जैसे लगता है वहां वर्षों से कोई इंसान आया ही नहीं, वीरान पड़ा हुआ कोई भवन हो।

जबकि सामुदायिक भवन बनाने के पीछे सरकार की मनसा यह रही है कि ग्राम पंचायत में निवास करने वाले सभी समुदाय के लोगों में जुड़ाव बढ़े, सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियों के लिए एक साझा स्थान मिल सके। व्यापारिक या स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया जा सके। आपातकालीन स्थितियों में लोगों को आश्रय मिल सके, समुदायों में एकता, सहयोग और आपसी समझ विकसित हो और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके। लोग एक दूसरे से जुड़कर आत्म निर्भर समाज का निर्माण कर सके। इसीलिए सामुदायिक भवन को मात्र ईट, सीमेंट और पत्थर से बना भवन नहीं बल्कि उससे बढ़कर समुदाय की आत्मा और उसके विकास का केंद्र माना जाता है।

  1. वहीं ग्राम पंचायत जोगवां में बना सामुदायिक भवन अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। भवन के परिसर में इतनी गंदगी है कि नंगे पांव नहीं जाया जा सकता, वहां कोई भी जाना नहीं चाहेगा। भवन के दाएं – बाएं और पीछे सरपत और झाड़ इस कदर जमे हुए हैं कि जंगल जैसा दृश्य मालूम पड़ता है। झाड़ इतने घने हैं कि कोई डर से उसके अंदर घुसने की हिम्मत नहीं कर सकता, लोग डरते होंगे कि सर्प या बिच्छू उस काट न ले और उसका जीवन ही खतरे में पड़ जाय। चारदीवारी भी टूटा पड़ा है। सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि यह सामुदायिक भवन है या दशकों पुराना वीरान पड़ा हुआ मकान। सभी खिड़कियां झाड़ी से बंद हो चुके हैं। सामुदायिक भवन अपनी किस्मत पर अफसोस कर रहा होगा। पर किससे शिकायत करे जब अपना हबीब ही रकीब बन बैठा है।

*ग्राम प्रधान सुनील कुमार:* ग्राम प्रधान सुनील कुमार से इस बाबत पूछा गया कि सामुदायिक भवन काफी गंदा पड़ा हुआ है, झाड़ जमे हुए हैं। इसका रखरखाव किस तरह से किया जा रहा है?
तो ग्राम प्रधान कहते हैं कि सामुदायिक भवन ग्राम पंचायत की संपत्ति है इसका साफ – सफाई अवश्य कराया जाएगा। मैने इसकी सूचना और स्टीमेट चार – पांच महीने पहले ही जे ई साहब को दे दिया है। जे ई साहब का कहना है कि मैं इसपर काम कर रहा हूं, बजट आते ही काम लग जाएगा।

जबकि इससे पहले सत्र 2019 – 20 में ग्राम प्रधान मोती चंद पटेल के कार्यकाल में सामुदायिक भवन का सुंदरी कारण कराया गया था। तब से अब तक सामुदायिक भवन उपेक्षित पड़ा हुआ है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles