नरायनपुर, मिर्जापुर। पुरैनी ग्राम सभा के 14 वर्षीय देवांश पाल ने सहारनपुर में 69 वीं राष्ट्रीय माध्यमिक विद्यालय खेल प्रतियोगिता द्वारा आयोजित नेशनल कुराश कुश्ती में चांदी पर बाजी मारी।17 दिसंबर को 54 किलो ग्राम भार वर्ग के अंतिम राउंड में भी देवांश पाल ने अपने प्रतिद्वंदियों को पटखनी देकर सिल्वर मेडल पर अपना नाम दर्ज करा लिया। देवांश पाल के सिल्वर मेडल की जीत की खबर लगते ही पुरैनी गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर आग की तरह फैल गई। उनके घर बधाई देने वालों का ताता लग गया।
21 दिसंबर को देवांश के घर वापसी पर सैकड़ों की तायदाद में क्षेत्र के जनता अचीतपुर मोड हाइवे पर उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़ी। देवांश पाल को बधाई देने वालों का ताता लगा रहा। देवांश अपराह्न के ढाई बजे अचीतपुर पहुंचे, जहां पर उनके गांव के लोग, दोस्त, रिश्तेदार एवं आसपास की सैकड़ों की तायदाद में जनता ने बैंड बजा के साथ गजरा पहनकर स्वागत किया। लोगों में काफी जोश दिख रहा था।
सबसे पहले देवांश अपने गुरु राजू यादव के घर बरईपुर जाकर उन्हें मेडल पहनकर अपनी जीत की बधाई दिए और आशीर्वाद प्राप्त किया। तत्पश्चात वे साढ़े चार बजे अपने घर पुरैनी पहुंचे जहां उनको उनके माता – पिता, चाचा – चाची, दादा एवं रिश्तेदारों से जीत की बधाई दिए। परिवार जानों ने उन्हें गले लगाकर जीत की धरों बधाई दिए।

देवांश वर्तमान में प्रभुणारायण राजकीय इंटर कॉलेज रामनगर, वाराणसी में कक्षा दस के छात्र हैं। इनके पिता कमलेश पॉल एक मामूली किसान हैं। दूध खरीद बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनकी माता सुमन पाल गांव की आशा हैं।
बातचीत में देवांश ने बताया कि वे आगे भी कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं, विदेशों में भी देश का झंडा लहराने चाहते हैं। उनके माता – पिता की आंखों में देवांश की जीत के आंसु छलक रहे थे। देवांश के दादा मानता पाल जी देवांश की उपलब्धि पर काफी प्रफुल्लित थे और अपना खुशी का इजहार बैंड बजा पर नाच कर किया।
गांव के लोगों ने देवांश को अपने कंधे पर बैठाकर पूरा गांव जुलूस निकालकर घुमाया। लोग भारत माता की जय, वंदे मातरम, राजू उस्ताद जिंदाबाद के नारे लगाकर खुशियों का मुजायरा कर रहे थे।
