नरायनपुर, मिर्जापुर। छोटा मिर्जापुर स्थित वृक्षोपल्ली सेवा आश्रम के महंत स्वामी रामानंद जी महाराज ने पिछले वर्षों की भांति इस बार भी 26 दिसंबर को अपने गुरु जी का बड़े ही भव्य तरीके एवं धूमधाम से 110 वीं जयंती समारोह मनाया।
गुरुजी के जन्मदिन के अवसर पर दूरदराज वाराणसी, मिर्जापुर , प्रयागराज(इलाहाबाद) जैसे कई शहरों के साधु – संतों के अलावा भक्तगण एवं दर्शनार्थी उपस्थित रहे। सभी लोग आयोजन में शामिल होकर काफी खुश और अभिभूत हो रहे थे।

आश्रम प्रांगण में सुबह से ही भक्त जनों का आना – जाना लगा रहा। हजारों लोगों ने संत – महात्माओं का दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त कर धन्य हो रहे थे। लोग कह रहे थे कि ऐसा अवसर विरले ही मिलता है जब सैकड़ों साधु – संतों का दर्शन एक साथ मिले, मानो कुंभ जैसा माहौल बन गया हो। भक्तों के मनोरंजन व रात्रि जागरण हेतु दिन के बारह बजे से ही लोक गीत बिरहा आयोजित किया गया था। बच्चों द्वारा सुंदर नृत्य और और अर्ध रात्रि तक झांकी की सुंदर प्रस्तुति किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ काशी मंडल के कोतवाल बाबा स्वामी मोहनदास जी ने *श्री राम जय जय राम* के मंत्रोच्चारण से किया। आयोजन में उपस्थित भक्तजनों को अपने आशीर्वचन से अभिभूत कर दिया। इस अवसर पर स्वामी रामानंद जी महाराज(पत्ती बाबा ) ने सभी साधु – संतों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकार गण को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। स्वामी मोहनदास जी ने पत्रकार जनों की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार समाज के चौथे स्तंभ हैं। आपके कलम हमेशा ही देश और समाज की भलाई के लिए चलता है। हम संतगण भी आप की कलम के कायल हैं और उससे अछूते नहीं हैं। जिस तरह से खतरा मोल लेकर सच्चाई को सामने लाने का काम करते हैं, उसके लिए आप सभी का सम्मान हर मंच पर होना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि पत्ती बाबा के इस मंच से सरकार और संबंधित विभाग से अपील करता हूँ कि राजघाट पुल मार्ग को जिस तरह से रोका गया है उससे माताएं, बहने, बेटियां, विद्यार्थी और जनता काफी परेशानियों का सामना कर रही है। जल्द से जल्द कोई वैकल्पिक मार्ग की व्यस्था किया जाए, इसके बाद ही राजघाट मार्ग को बंद करें। जिससे आवागमन बाधित न हो।
पत्ती बाबा ने भक्त जनों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मैं बचपन से गुरु जी शरण में रहकर शिक्षा – दीक्षा प्राप्त किया। मुझे मेरे ब्रह्मलीन गुरु जी से गुरु के साथ – साथ माता – पिता का भी दुलार प्यार मिला। मैं अपने को सौभाग्यवान समझता हूँ जो मुझे गुरु जी का जन्मदिन मनाने का अवसर प्राप्त हुआ है। यह मेरे गुरुजी का ही आशीर्वाद है जो मुझे लोगों का प्यार – दुलार और संतों का आशीर्वाद मिल रहा है। सभी को अपने गुरुजनों एवं माता – पिता की सेवा करनी चाहिए, अपने बड़ों का आदर व सम्मान करना चाहिए।
आगे उन्होंने कहा कि मेरे आश्रम में हम सभी धर्मों और समुदायों के लोगों का सम्मान और स्वागत समान रूप से करते हैं। हमारा मानना है, सभी उसी परमेश्वर की रचना हैं, मैं सबको इंसान समझता हूँ। मैं सबका हूँ, सब मेरे लिए प्रिय हैं।
अंत में पत्ती बाबा ने मुख्य अतिथियों और कार्यकर्ताओं को भी अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किए।
हवन – पूजन का कार्यक्रम महेंद्रनाथ पांडेय, विंध्याचल उपाध्याय, दीपक पांडेय ने किया। जयंती समारोह सुशील पांडेय, कन्हैया पटेल और राजू गुप्ता के दिशा निर्देशन में बड़े ही शांतिपूर्ण वातावरण में सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ। भक्त जनों की सुरक्षा व्यस्था एवं देखरेख की जिम्मेदारी दीपांशु तिवारी, यश पांडेय, अमन श्रीवास्तव, विवेक मिश्रा ने बड़े ही जिम्मेदारी से निभाया। भंडारा की जिम्मेदार कमलेश गुप्ता एवं उनके सहयोगियों ने निभाया। जयंती समारोह देर रात्रि तक चलता रहा।
जयंती समारोह के मौके पर डॉ0 लक्ष्मी शंकर यादव, डॉ0 कन्हैया लाल सिंह, हरिचन पटेल, काजू पटेल, नसीम अहमद, मुहम्मद जकी, समाज सेवी मनोज सिंह सीताराम यादव, राम नरेश मौर्या आदि लोग उपस्थित रहे।
