*भारत विकास परिषद शाखा नरायनपुर का मनाया गया 35 स्थापना दिवस*
भारत के महान सपूत, युगपुरुष, अध्यात्म के प्रणेता एवं महान विचारक स्वामी विवेकानंद जी की 163 वीं जयंती भारत विकास परिषद शाखा नरायनपुर की अध्यक्ष डॉ0 पूनम सिंह(डेंटल सर्जन) के अगुवाई में शेरपुर स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में स्थापित स्वामी विवेकानंद जी के प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर मनाया गया।
डॉ0 पूनम सिंह ने स्वामी जी के जन्मदिन की सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन हम लोगों के लिए बहुत ही बड़ा है। क्योंकि आज भारत माता के अमर सपूत, युगपुरुष, विश्व गुरु स्वामी विवेकानंद जी का जन्म दिन है। आज के दिन को भारत सरकार ने 1984 में युवा दिवस घोषित किया। तब से इस पर्व को हम युवा दिवस के रूप में भी मनाते हैं।
स्वामी जी का जन्म 12 जनवरी 1863 में कोलकाता के में हुआ था। इनकी माता भुवनेश्वरी देवी एक धार्मिक विचारी वाली महिला थी तथा पिता विश्वनाथ दत्त एक प्रसिद्ध वकील थे। स्वामी जी को बचपन में नरेन्द्र नाथ दत्ता के नाम से पुकारा जाता था। स्वामी जी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि एवं प्रतिभा के धनी के थे। स्वामी जी हमेशा ही सत्य की खोज में लगे रहते थे।
मुख्य अतिथि शेर पुर इंटर
कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ रामाशरे सिंह सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं डॉ0 सूरज प्रकाश सिंह को अग्रणी मानकर यह कहता हूँ उन्होंने देश की जनता को जगाने के लिए भारत विकास परिषद की स्थापना की। प्रारंभ में परिषद का नाम सिटीजन काउंसिल था। बाद में इसका नाम भारत विकास परिषद रखा गया। परिषद पांच सूत्री कार्यक्रमों संस्कार,सेवा, सहयोग, समर्पण और सम्पर्क को अपना कर चलती है। जिससे राष्ट्र को सामाजिक एकता के सूत्र में बाधा जा सके। देश के हर व्यक्ति का भला हो सके और शास्कत और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण किया जा सके

स्वामी विवेकानंद जी ने सनातन को पाश्चात्य देशों तक पहुंचाया। जब स्वामी जी शिकागो के कोलंबस हाल में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में 60वें नंबर बैठने का मौका मिला तो उन्होंने कहा कि सभी धर्म अच्छे हैं। सभी महान हैं। सभी धर्मों का एक मात्रा लक्ष्य मानव हित होना चाहि। स्वामी जी के ये वाक्य सभी वक्ताओं पर भारी पड़ा। और अमेरिका में जगह – जगह बुलाकर स्वामी जी कार्यक्रमों का आयोजन होने लगा। स्वामी विवेकानंद का कहना था उठो जागो और तब तक चलो जब तक कि अपनी मंजिल न पलो। हम सब को भी स्वामी जी पग चिन्ह पर चलना चाहिए। उनके बातों को अपने जीवन में अपनाने की कोशिश करनी चाहिए।
हम सब के लिए खुशी का एक वजह यह भी है कि आज ही के दिन 35 वर्ष पूर्व भारत विकास परिषद के नरायनपुर शाखा का स्थापना किया गया था। अतः आप सबको एकबार फिर से ढेर सारी बधाईयां।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ0 सी बी तिवारी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के लिए बहुत ही महत्व रखते हैं। स्वामी जी युवा सन्याशी थे, उनके अंदर आध्यात्मिक शक्ति का वास था जो उन्हें बहुत ही कम समय में बहुत ऊंचाई तक पहुंचाया। उन्होंने अपने जीवन में बहुत सारे काम किए। वे 39 वर्ष की अल्पायु में ही प्राण त्याग दिए।
इस अवसर पर बोस पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर नरायनपुर एवं राम प्रसाद सिंह बालिका इंटर कालेज शेरपुर के छात्र – छात्राओं ने स्वामी जी जीवनी, उनके द्वारा किए गए कार्यों तथा विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को उत्साहित करने हेतु कापी और कलम प्रदानकर पुरस्कृत किया गया। इसी क्रम रामप्रसाद बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा इमराना को ओजस्वी और स्वामी विवेकानंद जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर दिए गए जोरदार भाषण के लिए खास पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

जयंती समारोह में की अध्यक्षता भारत विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ0 ओ पी सिंह ने किया। इस मौके परिषद सचिव ओम प्रकाश यादव, डॉ0 अजीत सिंह, डॉ0 प्रमोद उपाध्याय, डॉ0 माया सिंह, गतिविधि संयोजक अनुपमा सेठ, कोषाध्यक्ष अशोक केशरी, संजय जायसवाल, शिव कुमार जायसवाल, बाबू तेज नारायण सिंह, अविनाश कुमार रंजन, मनोज जायसवाल, तुलसी गुप्ता, संतोष आदि एवं बहुत सारे विद्यार्थी उपस्थित रहे।
