नरायनपुर, मिर्जापुर। पी एम श्री कंपोजिट विद्यालय परशुरामपुर, नरायनपुर में 10 जुलाई, दिन शुक्रवार को प्रधानाध्यापक सुभाष प्रसाद की अध्यक्षता में बाल संसद चुनाव कमेटी का गठन कर लोकतांत्रिक तरीके से बाल सांसदों का चुनाव किया गया।
चुनाव प्रक्रिया में लोकतांत्रिक व्यस्था बनाए रखने के लिए 8 जुलाई को नामांकन प्रक्रिया किया गया। इस प्रक्रिया में तीन पदों के लिए कुल 22 विद्यार्थियों ने नामांकन दाखिल किया और नामांकन वापसी प्रक्रिया 9 जुलाई को था जिसमें 4 विद्यार्थियों ने अपने नाम वापस लिए। 6 नामांकन अपूर्ण होने के कारण रद्द किए गया। बचे हुए 12 नामांकन, प्रत्याशी के रूप में अपना प्रचार – प्रसार कर रहे थे। प्रत्येक पद के लिए चार – चार प्रत्याशी मैदान में थे। प्रधान मंत्री पद के लिए शिवा पटेल, सानिया, गोकुल और जैनब; शिक्षा मंत्री पद के लिए अन्नू, श्लोक, आशिष्या और अनिल; जल संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री पर के लिए मंतशा, आशुतोष, अनुराग और चांदनी मैदान में थे।
चुनाव प्रक्रिया पूर्णरूपेण लोकतांत्रिक होने के कारण मतदान के दौरान मतदाता विद्यार्थी कक्षाध्यपक के हस्ताक्षर से मतदान परची प्राप्त कर बूथ पर लाइन में लगे रहे जहां प्रथम मतदान अधिकारी परची जांच प्रक्रिया पूरा कर द्वितीय मतदान अधिकारी को भेजते और द्वितीय मतदान अधिकारी हस्ताक्षर कराकर बाईं हांथ की तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही लगाते। तत्पश्चात मतदाता को मत पत्र जारी कर रहे थे। फिर मतदाता केविन में जाकर गुप्त रूप से अपने मन पसंद प्रत्याशी के नाम के आगे मुहर लगा कर अपने सांसद का चुनाव कर रहे थे।

मतदान प्रक्रिया सुबह 9 बजे से 11 बजे तक चला। 11:30 पर मत गणना हुआ और 12: 00 बजे परिणाम सुनाया गया।
कुल 207 विद्यार्थियों ने मतदान में भाग लिया जिसमें बालिकाओं की संख्या 108 और बालकों की संख्या 99 रही। 200 मत वैध और 7 मत अवैध घोषित किए गए।
92 मत पाकर प्रधान मंत्री पद के हेतु शिवा पटेल, 94 मत पाकर शिक्षा मंत्री पद के हेतु अन्नू और 75 मत पाकर जल संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री पद के हेतु आशुतोष निर्वाचित हुए। निर्वाचित सांसदों को विद्यालय के अध्यापकों ने पुष्पहार पहनकर बधाई दिए।
बाल संसद चुनाव को लेकर छात्र – छात्राओं में का काफी उत्साह दिख रहा था। बच्चे मतदान कर काफी खुश नजर आ रहे थे।
बात चित में प्रधानाध्यापक सुभाष प्रसाद ने बताया कि लोकतांत्रिक तरीके से बाल सांसदों का चुनाव कराने के पीछे उद्देश्य यह रहा कि बच्चे भी चुनावी/निर्वाचन प्रक्रिया को अच्छी तरह समझे। क्योंकि यही बच्चे आगे चलकर मतदान करेंगे और चुनाव लड़ेंगे। इन्हें किसी से सीखने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि ये दूसरों को जागरूक करने का काम करेंगे और देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होंगे। खास बात यह है जो विद्यार्थी जल संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री निर्वाचित हुआ है वहीं छात्रा ईको क्लब का अध्यक्ष भी बनाया जाएगा। जहां उसे पर्यावरण से संबंधित काफी जानकारियां प्राप्त होगी। इन संसद बच्चों को काफी कुछ सीखने को भी मिलेगा। शेष पदों पर योग्य विद्यार्थियों जल्द ही मनोनीत किया जाएगा। ईश्वर इन बच्चों को ऊर्जा दे और ये देश के एक जिम्मेदार नागरिक बने, ईमानदार लोकतंत्र की बुनियाद बने। यही मेरी कमाना है और उनके लोकतांत्रिक जीत के लिए बहुत – बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।

