Thursday, June 4, 2026

एम्स पब्लिक स्कूल जोगवां नरायनपुर में १९३ वां दिव्य ध्यान योग समागम आयोजित

दिव्यालोक मिशन, सारंगपुरम, भीटी, रामनगर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में १९३ वां दिव्य ध्यान योग समागम श्री अमरजीत सिंह, प्रबन्धक, एम्स पब्लिक स्कूल, जोगवां, नारायनपुर, मिर्जापुर के सौजन्य से एम्स पब्लिक स्कूल के परिसर में दिनांक ०७ मई २०२६ को आयोजित हुआ।
उक्त कार्यक्रम के दौरान डॉ0 राजकुमार सिंह ने प्रबन्धक अमर एवं समाज सेवी अमरजीत सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
डॉ0 राजकुमार सिंह ने विद्यार्थियों को दिव्य ध्यान योग समागम के सन्दर्भ में प्रकाश डालते हुए कहा कि ध्यान योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, विज्ञानात्मक और आध्यात्मिक रूप से संपूर्ण जीवन में बहुआयामी विकास होता है। ध्यान योग का निरंतर अभ्यास करने से तनाव व अवसाद ग्रसित मानसिकता से निजात मिलना शुरू हो जाता है। एकाग्रता और स्मरण शक्ति में अद्भुत वृद्धि होती है। सकारात्मक सोच व रचनात्मक ऊर्जा में इजाफा होता है।
ब्लड प्रेशर, शुगर व कमजोरी से धीरे-धीरे निजात मिलना शुरू हो जाता है। चिड़चिड़ापन, झल्लाहट व क्रोध पर भी काबू पाने की क्षमता में वृद्धि होने लगती है। तमाम प्रकार के नशे की प्रवृत्तियों जैसे मद्यपान, धूम्रपान, तंबाकू आदि के सेवन से भी व्यक्ति को ध्यान योग का निरंतर अभ्यास छुटकारा दिलाने में सहायक होता है। दैवीय गुणों का अनवरत विकास होने लगता है। यह आत्म साक्षात्कार में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है। आहार – विहार में काफी संयम आ जाता है। व्यक्ति को मानवीय गरिमा का एहसास होने लगता है।

विशेष रूप से काम ऊर्जा का रूपांतरण होने से व्यक्ति काफी क्रियाशील होकर समाज के विकास में अपना योगदान देने लगता है। आह्लाद भाव की बढ़ोत्तरी होने लगती है। कथनी व करनी में सामंजस्य दिखने लग जाता है। समरसता और सद्भाव की वृद्धि होती है। प्रकृति व जीवों के प्रति प्रेम और सुरक्षा की भावना में इजाफा होता है।
दिव्यालोक मिशन, सारंगपुरम, भीटी, रामनगर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश का स्पष्ट मत है कि व्यक्ति को उध्वरेता होने के लिए खुद चलना पड़ेगा, कोई भी बैसाखी जिज्ञासु साधक को अंतिम लक्ष्य यानी प्रकाश दर्शनम तक मदद नहीं कर पाएगी। अतः स्वावलंबी और पुरुषार्थी बनें। अपने भाग्य विधाता स्वयं बनें।
लगातार अभ्यास व्यक्ति को दृढ़ मनोबल को बढ़ाएगा।
मुख्य वक्ता ने विशेष अनुरोध करते हुए कहा कि जीवन हर क्षण बीत रहा है, अतः बिना समय गंवाए, ध्यान योग से प्रीत कर लीजिए क्योंकि यह आपके जीवन में सुख शांति और समृद्धि के साथ साथ मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर उन्हीं की मदद करता है जो स्वयं अपनी मदद करते हैं। जीवन में सत् संकल्प बढ़ायें ताकि समाज का मंगल हो सके।

उक्त समागम में मैडम प्रिती गुप्ता, राहुल सिंह, शर्मीला विश्वकर्मा व अन्य स्टाफ गण तथा उत्साही युवा विद्यार्थियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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