Wednesday, February 25, 2026

बड़े धूमधाम से मनाया गया आस्था और विश्वाश का महापर्व छठ पूजा

नरायनपुर, मीरजापुर। दो दिनों से छठ पूजा का कार्यक्रम चल रहा है। जिसकी तैयारी लगभग एक सप्ताह या उससे पहले से ही होने लगी थी। छठ पूजा को लेकर कौतूहल छठ पूजा करने वाले से कहीं ज्यादा छठ पूजा देखने वालों में दिख रहा था।

छठ पूजा बिहार के अलावा मुख्य रूप से झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है।
नरायनपुर के आसपास के क्षेत्रों छोटा मिर्जापुर, अचितपुर, बरईपुर, रायपुरिया घाट आदि जगहों पर भी बड़े हर्षोल्लाश के साथ छठ पूजा किया गया। छोटा मिर्जापुर में देवी घाट, कबूतरा घाट, और सरदार घाट पर छठ पूजा किया गया। छठ पूजा का दिन प्रतिदिन प्रसार बढ़ता ही जा रहा है। जबकि उत्तर प्रदेश में छठ पूजा के समानांतर ज्योति पुत्रिका पूजा का प्रचलन है।

छठ पूजा लोक आस्था और विश्वास का सबसे बड़ा पर्व है। बिहार में क्या होली, क्या दीपावली सबसे बड़ा पर्व छठ पूजा ही है।

छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मईया(षष्ठी मईया) की पूजा के लिया किया जाता है। यह पर्व स्वास्थ्य, संतान सुख, समृद्धि, सुरक्षा और परिवार की शांति की कमाना के साथ मनाया जाता है। इस पूजा में अधिकांशतः महिलाएं ही भाग लेती हैं। छठ पूजा करने वाली महिलाएं या पुरुष 36 घंटा का निर्जल ब्रत रखकर पहले दिन नदी या तालाब के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा का शुभारंभ करते हैं और दूसरे दिन ऊषा कल यानी कि भोर के चार बजे ही उसी स्थान पर पहुंच कर छठी मईया की पूजा करतीं हैं और सूर्य देव को उगने का इंतजार करती हैं। सूर्य देव को निकलने पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा की समाप्ति हो जाती है। इस दिन महिलाएं नए कपड़े पहनती हैं और उनके सहयोगी पूजा की मुख्य सामग्री गन्ना का पांच पेड़ के साथ अन्य फलों के लेकर घाट पर जाते हैं। इस पर्व में नदी, सूर्य और जल की पूजा की जाती है, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता जताती है।

सूर्य को जीवन का आधार माना जाता है। सूर्य को अर्घ्य देकर ऊर्जा, प्रकाश और जीवन शक्ति प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया जाता है। छठ पूजा को देखने के लिए घाटों पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ उमड़ी हुई थी।

छोटा मिर्जापुर में ग्राम प्रधान प्रियंका सिंह द्वारा देवी घाट पर प्रकाश हेतु हाइलोहान, कपड़ा बदलने हेतु टेंट हाउस लगाया गया था और घाटों पर पानी में सुरक्षा हेतु बैरिकेडिंग किया गया था। समाज सेवी मनोज सिंह ने छठ पुजारी और दर्शकों के लिए काली चाय(लीकर) की व्यस्था किया था। घाट पर हजारों की संख्या में दर्शकों का मजमा लगा हुआ था।

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