नरायनपुर, मीरजापुर। ऐतिहासिक गुरुद्वारा छोटा मिर्जापुर में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी पतिशाह गुरु गोविंद सिंह जी का 359 वीं पवन प्रकाश पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

गुरुद्वारा के आर्दश सरदार अनुप सिंह ने बताया कि 2026 में हम गुरु गोविंद सिंह साहब का 359 वीं पवन प्रकाश पर्व मना रहे हैं। यह गुरुजी का प्रकाश पर्व हम इस गुरु द्वारा में 1992 से लगातार मना रहे हैं। इस पवन तापों भूमि पर संबत 1723 विक्रमी में श्री गुरु तेग बहादुर सिंह साहब जी, गुरु गोविंद सिंह साहब, माता गुजरी जी व मामा कृपाल चंद सिंह जी के पवन चरण पड़े हैं। गुरुद्वारा के परिसर में गुरु तेग बहादुर सिंह के समय का बनवाया गया बावली साहेब (कुआं) है। बावली में चारों दिशाओं के जल के चार अलग – अलग स्वाद और खासियत वाले हैं। जो श्रद्धा से जल को ग्रहण करता है उसका असाध्य से असाध्य रोग और परेशानी समाप्त हो जाते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इनमें दक्षिण दिशा का जल अमृत समान है जो सभी प्रकार के रोगों को दूर करता है।
- गुरु जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर आज यहां संगत रामनगर, वाराणसी, मुगलसराय, अहरौरा, चुनार, मीरजापुर, सोनभद्र और दिल्ली आदि जगहों से पधारे हुए थे। कार्यक्रम प्रातः 7 बजे प्रारंभ हुआ जिनमें दूरदराज से आए हुए गुणी ज्ञानी सुखमनी साहेब का कीर्तन और प्रचार किए। 1: 30 बजे से गुरु जी का अटूट लंगर चल रहा है और यह श्रद्धालुओं के आने तक चलता रहेगा।
