एम्स पब्लिक स्कूल जोगवां, नरायनपुर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष मुंशी प्रसाद सिंह ने झंडारोहण किया और इस आयोजन में उपस्थित लोगों गणतंत्र दिवस की बधाई दिया।
विद्यालय प्रांगण में उपस्थित अतिथियों ने गणतंत्र दिवस के पर्व पर अपने – अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यालय के प्रबंधक अमरजीत सिंह ने बच्चों, अभिभावकों एवं अतिथियों को संबोधित करते हुए बताया कि देश तो हमारा 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया। परन्तु हमें पूर्ण आजादी नहीं मिली थी। अंग्रेजों का कहना था आप अपने संविधान को लागू करेंगे तभी हम आपको देश पूरी तरह सौंपेंगे। हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ0 राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बाबा डॉ0 भीम राव अम्बेडकर ने 2 वर्ष 11 महीना 18 दिन में दुनिया का सबसे विस्तृ और मजबूत संविधान बनाकर सौंप दिया। हमारे देश का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो गया परन्तु इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। हमें अंग्रेजों से छुटकारा मिल गया और देश पूर्ण रूप से आजाद हो गया।
हमारा भारत केवल अहिंसा के बल पर स्वतंत्र नहीं हुआ, बल्कि देश को स्वतंत्र करने के लिए हजारों लाखों देश के सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। हम उनमें से कुछ को ही जानते हैं। उन सभी अमर शहीदों को सत – सत नमन। हम कितने भाग्यशाली हैं कि आजाद भारत में हमें जन्म मिला है। इसलिए देश के प्रति हमारी कुछ जिम्मेदारी भी है। देश की एकता और संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए। गणतंत्र भारत की संप्रभुता पर किसी भी प्रकार की आंच न आने दें। अपने संविधान का पालन कर देश को एक मजबूत राष्ट्र बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें। केवल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस मानना ही एक मात्र हमारा उद्देश्य नहीं होना चाहिए। ये पर्व उन लोगों को याद करने के लिए मनाए जाते हैं। ताकि उन अमर शहीदों के बलिदान को बर्बाद होने से बचा सके।

बस मेरा आप लोगों से इतना ही कहना है कि उन अमर शहीदों के बलिदान को कभी जाया न होने देना। उन माओ को जरूर याद कर लेना जिन्होंने ने देश के खातिर अपने कोख को उजाड़ दिया तनिक भी अपनी परवाह नहीं की। उन्होंने हमारी आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। बाकी आप सभी खुद ही समझदार हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्यालय के नन्हे –
मुन्ने छात्र – छात्राओं ने तरह – तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक एवं कविताएं प्रस्तुत किए। जिसने अतिथियों को काफी लुभाया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वालों बच्चों को अतिथियों के अलावा विद्यालय के ओर से भी पुरस्कृत किया गया।
