- नरायनपुर, मिर्जापुर। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम पंचायत छोटा मिर्जापुर में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 649 वीं जयंती एक फरवरी को बड़े हर्षोल्लास के साथ एवं धूमधाम से मनाया गया। गुरु रविदास जी की जयंती प्रत्येक वर्ष माघ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है जो 2026 में एक फरवरी को आया है।
विद्वानों के मतानुसार संत रविदास जी का जन्म 14 वीं – 15 वीं शताब्दी(संवत् 1433) में ग्राम सभा सीर, वाराणसी में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री संतोख दास जी माता का नाम कलशा देवी था। वहीं गुरु गंगा नदी के किनारे पर बसा हुआ गांव छोटा मिर्जापुर में गुरु रविदास जी का ससुराल है। कबूतरा घाट के किनारे पर बसे दलित बस्ती में गुरु जी की पत्नी लोना माता का जन्म स्थली है। जन्मस्थल छोटा मिर्जापुर से सटे मौजा ताहिरपुर, ग्राम पंचायत मिल्कीपुर में लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बंदरगाह के समीप माता जी का समाधि स्थल भी है। दलित एवं सिक्ख समुदाय में इन स्थलों की बड़ी मान्यता है। लोना माता के जन्म स्थली का दर्शन हेतु काफी दूरदराज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली आदि प्रदेशों से लोग आते हैं। इन स्थलों के दर्शन मात्र से अपने को धन्य समझते हैं।

गुरु रविदास जी का बचपन से ही रुचि ईश्वर भक्ति में थी। गुरु रविदास जी मात्र संत नहीं थे, बल्कि क्रांतिकारी विचारक, समाज सुधारक और एक ऐसे कवि थे जिनकी वाणी आज भी करोड़ों लोगों को आलोकित कर रहा है। वे कर्म को ही पूजा मानते थे। वे अपनी पुश्तैनी कम जूता बनाना पूरी ईमानदारी से करते और साथ ही संतों की सेवा में लीन थे। वे मूर्ति पूजा या दिखावटी, कर्मकांडो के विरुद्ध थे। उनके अनुसार ईश्वर किसी मंदिर या मूर्ति में नहीं बल्कि हर जीव के हृदय में वास करता है। उन्होंने सिखाया कि परमात्मा को पाने के लिए किसी विशेष जाती या संप्रदाय का होना आवश्यक नहीं।

उनका सपना ‘ बेगमपुरा ‘ नगर बसना था। जिसका अर्थ है बिना ग़म का शहर। उनका एक कहावत ‘ कठौती में गंगा त हमार मन चंगा ‘ काफी प्रसिद्ध है।
गुरु जी के जयंती के अवसर पर समिति की से ओर भंडारा का भी आयोजन किया गया था। गुरु जी के दर्शन हेतु आए हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भंडारा में प्रसाद ग्रहण किया। गुरुजी के जयंती समारोह में रणजीत बाबा, काजू भारती, विजय बाबा, अजय भारती, प्रेम कुमार, गुंजन भारती, सुभाष, भारती, विनोद भारती, ऐडवोकेट जोगेंद्र भारती, एडवोकेट नागेन्द्र भारती, शेर अली, राजू हाशमी आदि लोग शामिल रहे।
